भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Definitional Dictionary of Management Science (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Plant layout

संयंत्र अभिन्यास
एक निर्माणकारी प्रतिष्ठान में यंत्रों, उपकरणों और सुविधाओं का कारखाने के तल पर स्थान निर्धारण । संयंत्र अभिन्यास दर्शाता है कि सामग्री-प्रवाह, संग्रह-स्थान और कच्चे माल की प्राप्ति से लेकर तैयार माल के लदान तक की सभी सहायक गतिविधियों के लिए किस प्रकार स्थान निर्धारित किया जाए, जिससे कि उत्पादन लागत पर व्यापक नियंत्रण किया जा सके ।

Pooling

पूलन
व्यापार संयोगों का एक अपेक्षाकृत अनौपचारिक रूप जिसमें संबंधित प्रतिष्ठानों के बीच स्वामित्व हितों का क्रय-विक्रय या परस्पर हस्तांतरण नहीं होता है । इसकी स्थापना प्रायः विपणी शक्ति का संवर्धन करने के लिए की जाती हैं ।

Portfolio

निवेश सूची / पोर्टफोलियो
किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान द्वारा प्राप्त या खरीदी गई प्रतिभूतियों का समूह पोर्टफोलियों कहलाता हैं । इसमें सरकारी प्रतिभूतियाँ एवं ऋण-पत्र, कंपनियों के साधारण तथा अधिमान अंश तथा ऋण-पत्र एवं अर्धसरकारी संस्थाओं द्वारा निर्गमित बांड आदि सम्मिलित किए जा सकते हैं । विनियोजक प्रतिभूतियों को सामूहिक रूप से पोर्टफोलियों बनाकर इसलिए खरीदते हैं ताकि दीर्घकाल में उन्हें स्थायी प्रत्याय मिल सके और उनकी जोखिम न्यूनतम हो सके ।

Positive cash flow

धनात्मक नक़दी प्रवाह
किसी कंपनी अथवा उद्यम में, एक अवधि विशेष के दौरान नक़दी के बाहर जाने की अपेक्षा नक़दी का अंदर अधिक आना ।

Precautionary motive

पूर्वोपाय मंतव्य
एक तार्किक कारण जिसके अधीन प्रतिष्ठान और उपभोक्ता अपनी परिसंपत्ति का एक भाग रोकड़ के रूप में रखते हैं ताकि अप्रत्याशित माँगों की संतुष्टि सुगमता से और तत्क्षण हो सके । इस पद का प्रयोग व्यापारिक फर्म में रोकड़ प्रबंध के क्षेत्र में तथा अर्थशास्त्रियों द्वारा मौद्रिक विश्लेषण के क्षेत्र में किया जाता हैं ।

Pre-emptive rights

अग्रक्रयाधिकार
कंपनी विधान के अंतर्गत विद्यमान अंशधारियों को दिया गया एक पूर्वाधिकार जिसका प्रयोग वे कंपनी द्वारा जारी किए गए किसी भी नए शेयर निर्गमन पर कर सकते हैं । इस अधिकार के अधीन नए शेयरों को आनुपातिक रूप में सर्वप्रथम पुराने अंशधारियों को प्रस्तुत किया जाता है और अंशधारियों को यह स्वतंत्रता होती है कि वे ऐसे अधिकारों का प्रयोग करें अथवा परित्याग करें । प्रयोग अथवा परित्याग करने के पश्चात् जो शेयर बच जाते हैं वे सर्वसाधारण को आवेदन हेतु प्रदान कर दिए जाते हैं । अग्रक्रयाधिकार के अंतर्गत जारी किए गए शेयरों को अधिकार शेयर भी कहा जाता हैं।

Preventive maintenance

निवारक अनुरक्षण
संपत्ति और उपकरणों को अच्छी मरम्मतशुदा हालत में रखना ताकि खर्चीली तथा बड़े पैमाने पर मजदूरों और प्रतिस्थापन की आवश्यकता कम से कम हो जाए । ऐसी रोकथाम के अंतर्गत सादा हाथ औज़ारों की सफाई और उनमें तेल डालने से लेकर कारखाने के उपकरणों के प्रचालन में व्यवधान को रोकने के लिए अपनाई गई प्रक्रियाएँ शामिल हैं ।

Price discrimination

क़ीमत विभेद
वस्तुओं और सेवाओं का क्रेताओं को ऐसी भिन्न-भिन्न क़ीमतों पर विक्रय करना जो लागत विभेदों पर आधारित नहीं होतीं । इसके अधीन ऐसे विक्रय भी सम्मिलित होंगे जहाँ माल की क़ीमत या लागतों में भारी भेद होने के बावजूद उन्हें एक समान बनाया जाता हैं ।

Price-earning ratio (P/E ratio)

क़ीमत-अर्जन अनुपात (पीoईoआरo)
किसी भी कंपनी के ईक्विटी अंश की वर्तमान बाज़ार क़ीमत को उसकी प्रति अंश आय से विभाजित करने पर उपलब्ध अनुपात । यह अनुपात निवेशकर्त्ताओं द्वारा संबंधित ईक्विटी अंशों के मूल्य मानदंड के रूप में प्रयुक्त किया जाता है। इस अनुपात का व्युत्क्रम अर्जन क़ीमत अनुपात कहलाता है और यह मोटे तौर पर एक ऐसी कंपनी की ईक्विटी पूंजी की लागत का माप प्रस्तुत करता है जो शून्य संवृद्धि पथ (वह कंपनी जो अपनी समूची आय को लाभांश के रूप में बाँट देती है) पर चल रही होती हैं ।

Price leadership

क़ीमत नेतृत्व
अपूर्ण प्रतियोगिता वाले बाज़ार में एक प्रधान फर्म क़ीमत परिवर्तन का ऐलान करती है जिसे प्रायः छोटी फर्में स्वीकार कर लेती हैं । इसके फलस्वरूप यह क़ीमत पूरे उद्योग की क़ीमत बन जाती है । इसके कारण अधिक लागत वाले प्रतिष्ठान भी जीवित बने रह जाते हैं और प्रतियोगिता का स्वरूप इस प्रकार बदल जाता है कि मूल क़ीमत तत्वों (जैसे लागतों) का कोई महत्व नहीं रह जाता ।

Price pegging

क़ीमत अधिकीलन
किसी प्रतिभूति, वस्तु अथवा मुद्रा आदि की क़ीमत को अधिकारिक रूप से स्थिर कर देना । इसके दो उपाय हैं । एक तो यह है कि सक्षम प्राधिकारी अपने आदेश से क़ीमत तय कर दे और उसमें किसी परिवर्तन की अनुमति न दे । दूसरे, एक क़ीमत की घोषणा कर दी जाए और खुले बाज़ार में जब भी उसमें घट-बढ़ हो तो सक्षम प्राधिकारी घोषित क़ीमत पर उसकी स्वयं खरीद-बेच आरंभ कर दे जिससे बाज़ार-भाव फिर उसी स्तर पर लौट आए ।

Price variance

क़ीमत प्रसरण
सामग्री और श्रम की मानक क़ीमतों तथा वास्तविक क़ीमतों में अंतर । यह मानक लागत-विश्लेषण के संदर्भ में प्रयुक्त किया जाता है ।

Pricing methods

क़ीमत निर्धारण विधियाँ
उत्पाद मूल्यों के निर्धारण हेतु अपनाए गए मूल्यन तत्वों के विभिन्न मिश्रण । इसकी प्रमुख विधियाँ ये हैं :-
1. full cost pricing संपूर्ण लागत क़ीमत निर्धारण
2. cost plus pricing लागतोपरि क़ीमत निर्धारण
3. marginal cost pricing सीमान्त लागत क़ीमत निर्धारण

Primary data

प्राथमिक आँकड़े
अन्वेषण विषय को ध्यान में रखते हुए सीधे अन्वेषण-क्षेत्र से एकत्रित आँकड़े। स्पष्ट है कि ये आँकड़े पहली बार, विशिष्ट उद्देश्य से और अनुसंधानकर्त्ता या उसी उद्देश्य के लिए स्थापित संस्था द्वारा एकत्रित किए होते हैं । इसलिए प्राथमिक आँकड़े काफी विश्वसनीय होते हैं । इसके विपर्यास में गौण आँकड़े (secondary data) हैं ।

Prime cost

मूल लागत
यह किसी उत्पाद की वह लागत होती है जिसमें केवल कच्चे माल, इधन, बिजली, श्रम आदि पर आने वाले खर्च ही शामिल होते हैं । इसलिए यह उत्पादन की कुल मात्रा के घटने या बढ़ने के साथ-साथ घटती-बढ़ती रहती हैं।

Principle of action

कार्य का सिद्धांत
यह सिद्धांत प्रबंध की इस मूलभूत आवश्यकता पर जोर देता है कि नियोजन, संगठन, स्टाफिंग, निदेशन और नियंत्रण आदि संक्रियाओं को जो प्रबंधक वर्ग समूचित ढंग से सम्हालने में अकुशल हो वह प्रभावी प्रबंध नहीं कर सकता हैं ।

Principle of clarity

स्पष्टता का सिद्धांत
वह सिद्धांत जिसके अनुसार संदेश की भाषा और रचना ऐसी हो जिससे संदेश ग्रहण करने वाला यथार्थ मन्तव्य समझ सके ।

Principle of commitment

वचनबद्धता सिद्धांत
वह सिद्धांत जिसके आधार पर वर्तमान निर्णय से उत्पन्न किसी दायित्व को समय पर पूर्ण करने लिए संगठन की योजना तैयार की जाती हैं ।

Principle of continuing development

सतत् विकास का सिद्धांत
इस सिद्धांत के अनुसार जो भी प्रतिष्ठान प्रबंधकीय क्षमता के प्रति जितना अधिक प्रतिबद्ध होता है, उसे निरंतर आत्म-विकास करने की उतनी ही अधिक आवश्यकता होगी ।

Principle of contribution to objectives

उद्देश्यों में योगदान का सिद्धांत
इस सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक योजना और उसकी व्युत्पन्न योजनाओं का अभीष्ट, प्रतिष्ठान के उद्देश्यों की प्राप्ति में योग देना हैं ।

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