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Dictionary

Definitional Dictionary of International Law (English-Hindi)(CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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ultimatum

पूर्व चेतावनी, अल्टीमेटम
युद्ध की घोषणा करने से पूर्व शत्रु पक्ष को भेजा गया प्रपत्र जिसमें उल्लिखित माँग के निर्धारित समय में पूरा न होने पर बिना कीस अन्य औपचारिकता के युद्ध की घोषणा की जा सकती है । इस प्रपत्र को अल्टीमेटम कहते हैं ।
सन् 1907 के हेग अभिसमय के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया था कि पूर्व चेतावनी या अल्टीमेटम या युद्ध की विधिवत घोषणा के बिना युद्ध प्रारंभ नहीं किया जाना चाहिए । परंतु पिचले लगभग 50 वर्णों से इस अभिसमय का अधिक महत्व नहीं रहा है ।

U.N. Charter

संयुक्त राष्ट्र चार्टर
आंतर्राष्ट्रीय विधि की दृष्टि से संयुक्त राष्ट्र का चार्टर इस विश्व संगठन का आधारभूत क़ानून है । इस चार्टर के अनुसार इस विश्व संगठन की संरचना, इसके विभिन्न अंगों का गठन और उनके अधिकार तथा कर्तव्य एवं पारस्परिक संबंध निर्दारित होते हं । चार्टर की स्थिति एक बहुराष्रीय संधि की है ।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर 26 जून, 1945 को सान फ्रांसिस्को में 50 राज्यों ने हस्ताक्षर किए थे जो संयुक्त राष्ट्र के मूल संस्थापक राज्य कहे जाते हैं । चार्टर में कुल मिलाकर 111 अनुच्छेद हैं, जिन्हें 19 अध्यायों में विभक्त किया गया है ।

unconditional surrender

पूर्ण समर्पण, अशर्त समर्पण
पराजित ह ने पर विजयी राज्य के समक्ष किया गया आत्म – समर्पण जिसके परिणामस्वरूप राज्य पर पूर्ण नियंत्रण और क्षेत्राधिकार विजयी राज्य को प्राप्त हो जाता है और मूल शआसन सत्ता का वैधिक अस्तित्व पूर्णतः समाप्त हो जाता है ।

U.N. Day

संयुक्त राष्ट्र दिवस
यद्यपि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर पर 26 जून, 1945 को हस्ताक्षर हो गए थे परंतु 24 अक्तूबर 1945 तक इस चार्टर की संपुष्टि इसके मूल संस्थापक राज्यों द्वारा हुई । अतः यह चार्टर 24 अक्तूबर, 1945 से प्रभावकारी हुआ और इसीलिए यह दिन संयुक्त राष्ट्र दिवस के रूप में मनाया जाता है ।

undeclared war

अघोषित युद्ध
ऐसी स्थिति जिसमें किसी राज्य द्वारा किसी दूसरे राज्य के विरूद्ध सशस्त्र सैनिक कार्यवाही की गई हो परंतु दोनों पक्षों में से कोई भी इसे युद्ध – अवस्था मानने लिए तैयार न हो, यद्यपि संबंधित कार्रवाई वस्तुतः और वैधिक दृष्टि से युद्ध ही हो । उदाहरणार्थ 1937 में जापान द्वारा चीन के विरूद्ध की गई सशस्त्र कार्रवाई ।

unfriendly act

अमैत्रीपूर्ण कार्य
दे. Hostile act.

unfrindly state

अमित्र राज्य
किसी राज्य की दृष्टि में ऐसा विदेशी राज्य जिसका आचरण नीतियाँ अथवा व्यवहार अवैध न होते हे भी उसके हितों के प्रतिकूल हो र इस कारण उसके लिए हानिकारक हो ।

U.N. General Assemble

संयुक्त राष्ट्र महासभा
दे. General Assembly.

United Nations High Commission for Refugees (U.N.H.C.R.)

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त
इसी स्थापना महासभा द्वारा 1951 में की गई थी । इसका उद्देश्य शरणार्थियों को अस्थायी सहायता व संरक्षण प्रदान करना था । इसने द्वितीय महायुद्ध के दौरान कार्यरत अंतर्राष्ट्रीय शरणारथी संगठन का स्थान ले लिया । उच्चायुक्त के कार्यालय को केवल प्रशासनिक व्यय के ले संयुक्त राष्ट्र से सहायता मिलती है । अन्य कार्यक्रमों के ले यह ऐच्छिक राष्ट्रीय और वैयक्तिक अनुदानों पर आश्रित रहता है ।

United Nations Organisation (U.N.O)

संयुक्त राष्ट्र संघ
व्यवहार में इसे केवल संयुक्त राष्ट्र के नाम से संबोधित किया जाता है । इसकी स्थापना द्वितीय महायुद्ध की समाप्ति पर 26 जून, 1945 को सेन फ्रांसिस्को सम्मेलन मे स्वीकृत एक चार्टर के अंतगर्त हुई थी । इसका मुख्यालय न्यूयार्क (सं.रा. अमेरिका) में है। इसके 50 संस्थापक राज्य थे जिनमें भारत भी एक था परंतु अबयह संख्या लगभग 175 हो गई है ।
विश्व संगठन के रूप में संयुक्त राषअट्र को राष्ट्र संघ का उत्तराधिकारी माना जाता है । इसके उद्देश्य और सिद्धांत चार्टर में ही दिए गए हैं, जो इस प्रकार हैं
उद्देश्य (1) अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना (2) राज्यों के मध्य मैत्रीपूर्ण संबंदों का विकास करना (3) अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का समायोजन करना तता (4) इन उद्देश्यों की प्राप्ति में राज्यों के कार्यों में सामंजस्य स्थापित करना ।
सिद्धांत (1) संगठन सदस्य – राज्यों की समानता तथा संप्रभुता के सिद्धांत पर आधारित होगा (2) सभी सदस्य – राज्य चार्टर के अंतर्गत वहन किए गए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्विक पालन करेंगे (3) वे अपने अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिमय उपायों से इस प्रकार समाधान करेंगे कि अंतर्राष्ट्रीय यांति, सुरक्षा और को कोई खतरा न हो (4) वे अपने परस्पर संबंधों में इस परार बल प्रयोग नहीं करेंगे और न बलप्रयोग की धमकी देंगे जो संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों के प्रतिकूल हो (5) वे संयुक्त राष्ट्री द्वारा चाटर के अनुरूप की गई प्रत्येक कार्रवी मे संयुक्त राष्ट्र की सहयात करेंगे और जिस राज्य के विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है उसे काओ सहयाता नहीं देंगे (6) संगठन इस बात का प्रयत्न करेगा कि जो राज्य इसकेसदस्य नहीं भी हैं वे भी जहाँ तक अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है, इन सिद्धांतों के अनुरूप ही आचरण करेंगे (7) संयुक्त राष्ट्र सदस्य – राज्यों के उन मामलों में ह स्तक्षेप करने का अधिकारी नहीं होगा जो उनके घरेलू क्षत्राधिकार में आते हैं ।
संयुक्त राष्ट्र के छह मुख्य अंग हैं महासभा, सुरक्षा परिषद्, आर्थिक तात सामाजिक परिषद्, न्यास परिषद्, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय और सचिवालय ।
संयुक्त राष्ट्र सदस्य – राज्यो का मात्र संख्यात्मक समूह नहीं है अपितु वह स्वयं में अपने सदस्य – राज्यों से भिन्न और सावतंत्र एक वैधिक इकाई है । इतः संयुक्त राष्ट्र को अंतर्राष्ट्रीय विधि का विषय अर्थात एक वैधिक व्यक्ति माना जाता है ।

Uniting for peace Resolution

शांति हेतु एकीकरण प्रस्ताव
कोरिया के युद्ध के दौरीन सुरक्षा परिषद् में सोवियत निषोधाधइकार की वजह से उत्तरी कोरिया के विरूद्ध सैनिक कार्रवाई करने का कोई निर्णय न हो सकने के कारण महासभा ने 3 नंवंबर 1950 को एक प्रस्ताव पारित किया जिसे शांति हेतु एकीकरण प्रस्ताव कहा जाता है । इस प्रस्ताव में कहा गया कि यदि स्थायी सदस्यों में मतैक्य न होने के कारण सुरक्षा परिष्द अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के अपने प्रारंभिक दायित्व को पूरा करने में असफल हो और यह अनुभव किया जाए कि कहीं शांति भंग हुई है अथवा शांति भंग होने का खतरा है अथवा आक्रमण हुआ है तो महासभा उस मामले पर सुरक्षा परिषद् की संस्तुति के बिना भी तुरंत विचार कर सकती है ताकि वह सदस्य – राज्यों को सामूहिक सुरक्षार्थ उपयुक्त संस्तुति कर सके, जिसमें आवश्यक होने पर सशस्त्र बलों का प्रयोग भी शामिल है ।
इस हेतु महासभा का विशेष संकटकालीन अधिवेंशन भी बुलाया जा सकता है । इस प्रकार का अधिवेशन सुरक्षा परिषद् के किन्हीं सात सदस्यों अथा संयुक्त राष्ट्र के आधे से अधिक राज्यों की माँग पर भी बुलाया जा सकता है ।
ऐसा समझा जाता रहा है कि सामूहिक सुरक्षा की व्यवस्था में महासभा, जो मूलरूप से एक प्रभावहीन और केवल विचार – विमर्शकारी अंग था, इस प्रस्ताव के अनुसार एक प्रबावकारी और निर्णयकारी अंग बन गया । कोरिया युद्ध के अतिरिक्त स्वेज़ संकट, कांगो संकट और कश्मीर विवाद मे इसी प्रस्ताव के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र ने कार्रवाई की, परंतु इसके उपरांत इस प्रस्ताव का महत्व घटने लगा । इसका कारण यह था कि महासभा मे एशियाई – अफ्रीकी राज्यों की संख्या बढ़ती गई और पश्चिमी राष्ट्र यह नहीं चाहते थे कि अंतर्राष्ट्रीय शआंति और सुरक्षा संबंधी मामलों में निर्णय करने का अधिकार महासभा पर छोड़ दिया जाए, जिसके बहुमत पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था ।

Universal Declaration of Human Rights

मानव अधिकार घोषणा – पत्र
दे. Human rights.

Universal disarmament

विश्वव्यापी निरस्त्रीकरण, सार्वत्रिक निरस्त्रीकरण
युद्ध की संभावना और उसकी विभीषिका को कम करने के लिए विश्व के विभिन्न राज्यों द्वारा पारस्परिक संधि अथवा समझौते करके युद्ध के विभिन्न प्रकार के घातक अस्त्र – शास्तोरं (जिसमें अण्विक अस्तर – शस्त्र भी सम्मिलित होते हैं ) में भारी कटौती, उनके उत्पादन तथा क्रय – विक्रय पर नियंत्रण और इस हेतु अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण की व्यवस्था इस निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया के भओग माने जाते हैं । इस प्रक्रिया में निर्धारित क्षेत्रों या प्रदेशों को अस्त्र – शास्त्र रहित बनाया जाना भी शामिल है । उदाहरमारप्थ , समुद्र तल एवं अंतरिक्ष में नाभिकीय अस्त्रों का रखना भी वर्जित किया गया है ।

universal international law

विश्वव्यापी अंतर्राष्ट्रीय कानून,
विश्वव्यापी अंतर्राष्ट्रीय विधि
अंतर्राष्ट्रीय विधि के वे मूलभूत नियम अथवा सिद्धांत जो सभी राष्ट्रों के लिए बाध्यकारी माने जाते हैं और जिनकी बाध्यकारिता राज्यों की सहमति पर आश्रित नहीं है ।
एक दूसेर अर्थ में सर्वव्यापी अथवा सामान्य अंतर्राष्ट्रीय विधि विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय विधि से भिन्न हो जाती है क्योंकि विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय विधि केविल निर्धारित क्षेत्रों अथवा महाद्वीपों तक स मित रह जाती है ।

universality principle

सार्वभौमिकता सिद्धांत
दे. Universal jurisdiction.

Universal jurisdiction (=universality principle)

सार्वभौमिक क्षेत्राधिकार
(सार्वभौमिकता सिद्धांत )
कुछ अपराध ऐसे होते हैं जो सभी रार्जोयं मे अपराध माने जाते हैं क्योंकि वे संपूर्ण मानव जाति और राज्यों के विरूद्ध अपराध होते हैं । अतः उन्हें अंतर्राष्ट्रीय विधि विरोधी अपराध माना जाता है । ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए अपराधी को दंड देने का अधिकार किसी भी ऐसे राज्य को है जिसके क्षेत्राधिकार में वह पकड़ लिया जाए फिर चाहे वह अपराधी किसी भी राज्य का नागरिक क्यों न हो और उसने यह अपराध कहीं भी किया हो ।
परंपरागत अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत जलदस्युता, दास व्यापार, महिलाओं का अनैतिक व्यापार, अफीम और नशीली वस्तुओं का व्यापार, इस प्रकार के अपराध मे गए हैं । वर्तमान काल मे युद्ध अपराध, विमान अपहरण, जनसंहार और आंतकवाद को भी इसी श्रेणी के अपराधों में लाए जाने के पक्ष में वैधिक मत है और इस हेतु अनेक उपाय अपनाए गए हैं ।

universal succession

सार्वत्रिक उत्तराधिकार
जब एक राज्य का अस्तित्व पूर्णतया समाप्त हो जाता है तब उसका वैधिक व्यक्तित्व बी समग्र रूप से नष्ट हो जाता है । उसके सभी अंतर्राष्ट्रीय अधीकार और कर्तव्य उस नवीन राजनीतिक इकाई को प्राप्त हो जाते हैं जो संबंधित प्रदेश मे संप्रभु के रूप में प्रतिष्ठित हुई हो ।
कुछ विद्वानों का मत है कि राज्य उत्तराधिकार जैसी की अंतर्राष्ट्रीय विधि नहीं है। राज्यों के अधिकार और कर्तव्य उन्हे राज्य होने के नाते प्राप्त होते हैं, किसी पूर्वगामी राज्य के उत्तराधिकारी होने के कारण नहीं ।

uniawful combatant

अवैध संयोधी
दे. Combatant.

unneutral services

अतटस्थ सेवाएँ
अतटस्थसेवा का अर्थ है युद्धकाल में स्वेच्छा से कीस तटस्थ जलपोत द्वारा युद्ध – संचालन में किसी युद्धकारी के सहायतार्थ किया गया कार्य । जूलियस स्टोन ने इस प्रकार के पाँच कार्यों का उदाहरणस्वरूप उल्लेख किया है । वे है :- (1) शत्रु सेना के सदस्यों को लाने – ले जाने का कार्य (2) शत्रु को संदेश पहुँचाने अथवा पत्र ले जाने का कार्य (3) युद्धकारी कार्यवाही में प्रत्यक्ष भाग लेना (4) शत्रु के लिए भाड़े पर काम करना (5) शत्रु की सहायतार्थ सैनिक भेद संचारित करना ।

U.N.O.

संयुक्त राष्ट्र संघ
दे. United National Organisation.
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