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Dictionary

Definitional Dictionary of International Law (English-Hindi)(CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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pacific blockade

शांतिकालीन नाकाबंदी
शांतिकाल में किसी राज्य द्वारा दूसेर राज्य को दंड देने के उद्देश्य से अथवा प्रतिशओध की भावना से अथवा उस पर दबाव ड़ालने के उद्देश्य से , उसके तटों और बंदरगाहों से जलपोतों के निकालने का मार्ग अवरूद्ध करना । कभी – कभी बाहर आने वाले और अंदर जाने वाले, दोनों ही प्रकार के जलपोतों को इस संक्रिया मे रोका जा सकता है । इस प्रकार की शआंतिकालीन नाकाबंदी राज्यों के मध्य पारस्परिक विवादों के समाधान के बलकारी उपायों में से एक उपाय समझी जाती है ।

pacific settlement

शांतिपूर्ण समाधान
राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों का वार्तालाप अथवा अन्य शांतिमय उपायों से समाधान किया जाना । इन उपायों का उल्लख सब से पहले 1899 के हेग कन्वेंशन में किया गया था जिन्हें अब संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुच्छेद 33 में उद्धृत कर दिया गया है । ये उपाय वार्ता, सत्सेवा, मध्यस्थता, सुलह, विवाचन, न्यायिक प्रक्रिया और संयुक्त राष्ट्र की कार्रवाई के रूप में हो सकते हैं ।

pacta sunt servanda

संधि का सद्भाव
यह लैटिन भाषा का एक पद है । इसका अर्थ यह है कि राज्यों को किसी भी संधि के अंतर्गत ग्रहण किए गए दायित्वों का सद्भावनापूर्वक पालन करना चाहिए । यह उनका वैधिक कर्तव्य है ।
यह सिद्धआंत संधि की व्यवस्था का मुख्य आधआर है और व्यापक अर्थ में इसे अंतर्राष्ट्रीय विधि का आधार भी माना जा सकता है । अंतर्राष्ट्रीय विधि का आधार भी यही है कि राज्यों द्वारा स्वीकार किए गए नियमों का उनके द्वारा निष्ठापूर्वक पालन काय जाना चाहिए ।

Panamma Canal

पनामा नहर
स्वेज नहर की भाँति पनामा नहर भी अंतर्राष्ट्रीय संधि और समझौतों के अंतर्गत अंतर्राष्टरीय जलमार्ग बन गया है यद्यपि पनामा नहर और नहर क्षेत्र पर पनामा गणराज्य की संप्रभुता स्वीकार की जाती है । पनामा नहर का अंतर्राष्ट्रीकरण पनामा ग णराज्य और संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य 1901 मे हुई एक द्विपक्षीय संधि के अंतर्गत किया गाय था जसे हे – पांसफोट कहते हैं । इसके अंतर्गत यह स्वीकार किया गया था कि पनामा नहर युद्ध और शआंतिकाल में सदैव सब राष्ट्रों के लिए खउली रहेगी और इसके प्रयोग में किसी राषअट्र के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और नहर की कभी भी नाकाबंदी नहीं की जाएगी और न ही नहर में कोई युद्धक कार्रवाई की जाएगी ।
1903 की एक अन्य संधि के अंतर्गत जिसे हे – वरिल्ला संधि कहते हैं, यह तय किया गया कि नहर के संचालन और नियंत्रण का अधिकार संयुक्त राय अमेरिका का होगा और नहर के आसपास का क्षेत्र जिसे नहर क्षेत्र कहते हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के पास शाश्वत काल के लिए पट्टे पर होगा ।
इस संधि का अनुमोदन मार्च 1936 और जनवरी, 1955 मे हुए समझौतं में किया गया था परंतु नहर क्षेत्र र नहर संचालन पर संयुक्त राज्य नियंत्रण को लेकर पनामा गणराज्य में व्यापक असंतोष था । 1977 मे एक नई संधि पर हस्ताक्षर हुए हैं जिसके अनुसार पनामा नहर और नहर क्षेत्र पर से संयुक्त राज्य का पट्टा, नियंत्रण और प्रशासन पूर्णतः समाप्त हो जाएगा परंतु पनामा नहर की अंतर्रष्ट्रीय स्थिति और तटस्थता की स्थिति स्थायी रूप से बनी रहेगी ।

Panchsheel

पंचशील
राज्यों के पारस्परिक संबंधों में शांतिपूर्ण सह – अस्तित्व और पारस्परिक सद्भाव एवं सहयोग क सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रतिपादित अंतर्राष्ट्रीय आचरण के पाँच सिद्धांत जिनका निरूपण सर्वप्रथम भारत तथा जनवादी चीनी गणराज्य के बीच 29 अप्रैल 1954 को तिब्बत पर हुई संधि की प्रस्तावना में किया गया था ये सिद्धांत निम्नलिखित हैं :-
1. एक – दूसरे देश की भूभागीय अखंडता तथा प्रभुसत्ता का सम्मान ;
2. एक – दूसरे पर आक्रमण न करना ;
3. एक – दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना ;
4. समानता और परस्पर लाभ के लिए काम करना ; और
5. शांतिपूर् सिह – अस्तित्व ।
कालांतर मे ये सिद्धांत अंतर्राष्ट्रीय आचरण के मूल मानदंड बन गए ।

par in parem non habet imperium

न स्वतुल्ये प्रभुत्वम्, समकक्षों मे परस्पर प्रभुसत्ता नहीं होती
एक संप्रभुशक्ति दूसरी संप्रभुशक्ति पर अपना अधिकार क्षेत्र लागू नहीं कर सकती । संप्रभु को कीसी अन्य राज्य के क्षेत्राधिकार से उन्मुक्ति का यह एक प्रमुख आधार है ।

Paris Pact

पेरिस समझौता
दे. Kellog – Briand Pact.

partial armistice

आंशिक युद्ध स्थगन समझौता
युद्धकारी राज्यों के बीच वह समझौता जिसेक अंतर्गत युदधात्मक कार्रवाईयों का समग्ररूप से निलंबन न होकर सैनिक कार्वाई के किसी भाग का अथवा रणस्थल के किसी क्षएत्र विशेष में सशस्त्र कार्रवाई का अस्थायी निलंबन होता है ।

partial neutrality

शिक तटस्थता
यदि किसी राज्य के प्रदेश का केवल कुछ भाग तटस्थीकृत हो तो उस राज्य की तटस्थता को आंशिक तटस्थाता कहते हैं । उदाहरणार्थ यूनान के केवल दो द्वीप काफर्यू और पैक्सो तटस्थीकृत थे । ऐसी स्थिति में तटस्थता के कर्तव्यों का केवल तटस्थीकृत भाग के संदर्भ में पालन करना होता है ।

partial succession

आंशिक उत्तराधिकार
उत्तराधिकारी राज्य द्वारा पूर्वाधिकारी राज्य के आंशिक क्षेत्र भूप्रदेश का स्वामित्व ग्रहण करना । आंशिक उत्तराधिकार तीन प्राकर से प्राप्त होता है – (1) जब एक राज्य का कुछ प्रदेश मुख्य भूमि से विद्रोह करके स्वतंत्र राज्य बनता है, जैसे 1776 में संयुक्त राज्य अमेरिका ग्रेट ब्रिटेन से स्वतंत्रता की घोषणा करके तथा युद्ध करके स्वतंत्र राज्य बन गाय । (2) जब कोई राज्य कीसी दूसेर राज्य के कुछ हिस्से को विजय अथवा अर्पण द्वारा प्राप्त करता है जैसे 1847 में सं. रा. अमेरिका को कैलिफोर्निया का प्रदेश प्राप्त हुआ । (3) कोई प्रदेश किसी संघात्मक राज्य या संरक्षक राज्य के प्रभुत्व से स्वतंत्र होकर अलग राज्य बन जाए ।

particular internationa law

विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय विधि
विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय कानून
राष्ट्रों के आचारण की नियमित करने वाले ऐसे क़ानून जो सामान्य रूप से सभी राज्यों पर लागू न होकर किसी क्षेत्र विशेष अथा महाद्वीप विशेष के राज्यों के पारस्परिक संबंधों मे ही लागू होते हैं । उदाहरणतः अमेरिकी गणराज्यों के आपसी संबंधों मे लागू होने वाले कुछ विशिअट नियम, जैसे दूतावासों में शरणाधिकार इसका एक उदाहण हैं ।

passive nationality principle

परोक्ष राष्ट्रिकता सिद्धांत
दे. active nationality principle.

peace keepting operations.

शांतिस्थापन कार्रवाइयाँ
दे. U.N. peace keeping operations.

peace time blockade.

शांतिकालीन नाकाबंदी
दे. pacific blockade.

peace treaty

शांति संधि
ऐसी संधि जो युद्ध समाप्ति के लिए युद्धकारियों के मध्य संपादित की जाती है । प्रायः इस प्रकार की संधि के उपरांत ही युदध की विधिवत समाप्ति मानी जाती है । उदाहरणार्थ जापान के साथ सशस्त्र कार्रवाई सन् 1945 मे ही समाप्त हो गई थी परंतु जापान के साथ युद्ध का अंत सन् 1951 में हुई सानफ्रांसिसको संधि से ही माना जाता है । सन् 1971 के भारत – पाकिस्तान युद्ध का अंत सन् 1972 मे संपादित शिमली समझौते से हुआ जो वैधिक दृष्टि से शांति संधि का ही एक उदाहण है ।

peace zpne

शांति क्षेत्र
शांति क्षेत्र से तात्पर्य यह है कि राज्यों की पारस्परिक सहमति से किसी निर्धारित क्षएत्र को सैनिक गतिविधियों से पूर्णतया मुक्त कर दिया जाए जिसके फलस्वरूप वहाँ कोई सैनिक कार्यालय अथवा सैनिक अड्डा या सैनिक भंडार अथवा कोई सैनिक प्रतिष्ठान स्थापित नहीं किया जा सकता है । ऐसा बहुधा उस क्षेत्र को भावी युद्धों से अलग रखने के लिए किया जाता है ।
इस प्रकार के अनेक प्रयासों को सफलता भी प्राप्त हुई है जैसे एंटार्कटिका महाद्वीप को 1959 की संधि के अंतर्गत सैनिक गतिविदि रहित क्षेत्र बना दिया गाय है । चन्द्रमा की भी यही स्थिति है । हिन्द महासागर को शांति – क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव महासभा पारित कर चुकी है और इसे व्यावहारिक रूप देने के प्रायस हो रहे हैं ।

perfect neutrality

पूर्ण तटस्थता
दे. absolute neutality

Permanent Court of Arbitration

स्थायी विवाचन न्यायालय
इसीक स्थापना सन् 1899 के प्रथम हेग सम्मेलन में स्वीकृत एक अभइसमय के अंतर्गत की गई थी । इसका मुख्यालय हेग में है ।
वास्तव में यदि देखा जाए तो यह न तो स्थायी है और न कोई न्यायालय ।
वास्तविकता यह है कि प्रत्येक हस्ताक्षरकर्ता राज्य चार ऐसे व्यक्तियों का नामांकन कर सकता है, जो अंतर्राष्रीय विधि में दक्ष हो और इस प्रकार मनोनीत विधिवेत्ताओं के समूह में से आवश्यकता पड़ने पर विवाचकों अथवा पंचों की नियुक्त कर ली जाती है । जैसाकि एक लेखक ने लिखा है कि यह कोई न्यायालय नहीं है । यह केवल संभावित विवाचकों अथवा पंचों का समुदाय है । इस समुदाय के सदस्यों का एकमात्र कार्य यह है कि जब कभी विवाचन नायायदिकरण गठित किए जाने की आवश्यकता हो तब ये सेवा के लिए उपलब्ध रहें ।
प्रक्रिया यह है कि जब कभी कोई मामला इस न्यायालय के निर्णयार्थ रखा जाता है तब प्रत्येक पक्ष द्वारा दो पंच चुने जाते हैं जिनमें से केवल एक उसके द्वारा मनोनीत सदस्यों में से हो सकता है । इस प्रकार पंच नियुक्त होने के उपरांत ये सदस्य स्वयं अपने सरपंच का चुनाव करते हैं । पंच – निर्णय, जिसे पंचाट कहते हैं, बहुमत से दिया जाता है । स्टार्क ने लिखा है (1989) कि लघभग 20 मामले अभी तक इस प्रकार गठित न्यायाधिकरणों के समक्ष रखे जा चुके हैं जिनमें सन् 1911 का फ्रांस और ब्रिटेन के मध्य वीर सावरकर का भी मामला था ।

Permanent Court of International Justice

स्थायी अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
दिसंबर, 1920 मे स्थापित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय जो अंतर्राष्ट्रीय विवादों के निपटारे और सलाह देने के लिए गठित किया गया था । यह इस प्रकार का प्रथम न्यायालय था । इसमें 15 न्यायाधीश होते थे जिनका निर्वाचन राष्ट्र संघ की सभा द्वारा किया जाता था । इसका मुख्यालय हेग में था । द्वितीय महायुद्ध के प्रारंभ होने पर इस न्यायालय का अंत हो गाय । अपने कार्याकाल में (1922- 1939) इसने कुल मिलाकर 20 निर्णय और 27 परामर्शी मत दिए । इनमें लोटस के मामले और बिंबिल्डन मामले में दिए गए निर्णय सुविख्यात हैं ।
वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय वस्ततः इसी न्यायालय का उत्तराधइकारी और रूपांतरण माना जा सकात है ।

Permanent Mandates Commission

स्थायी अधिदेश आयोग
राष्ट्र संघ द्वारा अपनाई गई अधिदेश पद्धति के अंतर्गत गठित वह आयोग जो अधइदेशक राज्यों से उनके अधइदेशाधीन भूभागों की प्रगति तथा विकास से संबंधित वार्षिक विवरण प्राप्त करता था और उनकी जाँच – पड़ताल करता था । अधिदेशों के संबंध में यह आयोग राष्ट्रसंघ का मुख्य सहायक एवं परामर्शदाता अंग था ।
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