भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Definitional Dictionary of Petrology (English-Hindi)(CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z

foredeep

अग्रगभीर :
(क) एक लम्बा, संकीर्ण अन्तःसमुद्री अवनमन (गर्त) जो महासागर की तली के अधोवलन या अधोभ्रंशन के फलस्वरूप बनता है । इस प्रकार के अधिकांश अग्रगभीर ज्वालामुखी द्वीप-चापों के उत्तल पार्श्व के निकट स्थित होते हैं ।
(ख) अल्पतः भिन्न अर्थ में इस शब्द का अभिप्राय एक लम्बे तथा संकरे विवर्तनिक गत से भी है जो एक ऐसी पट्टी (belt) के साथ संलग्न रहता है जहां पर्वत-निर्माण का प्रक्रम चलता रहता है । इस अर्थ में अग्र गभीर का तात्पर्य यह होता है कि वह अपने निकट उठ रहे पर्वतों की तलछटों से बड़ी तेजी से भरा जा रहा है और सदा तो नहीं पर सामान्यतः पानी से ढका रहता है ।

foreland

अग्रभूमि :
(क) समुद्र के भीतर निकला हुआ भूमि का एक न्यूनाधिक रूप से बृहत् क्षेत्र ।
(ख) वलित पर्वत श्रेणियों में तीन भाग स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ते हैं ।
(1) दृढ़ भाग जिस पर वलन क्रिया का कोई प्रभाव नहीं पड़ता ।
(2) वलित होने वाला भाग ।
(3) वह भाग जहां वलन क्रिया का प्रभाव बहुत कम हो जाता है और अन्ततोगत्वा वह भ्रंशन के रूप में समाप्त हो जाता है । पर्वत श्रेणी का वह पार्श्व जिस तरफ प्रतिवलन (overturned folds) झुके होते हैं, अग्रभूमि कहलाता है जो कि या तो अवलित संहति हो सकती है या ह्रासमान क्रिया-क्षेत्र ।

fore-set bed

डेल्टाग्रनत संस्तर :
डेल्टा के प्रवण अग्रढाल पर अवसादों के लुढ़कने से निक्षेपित नत परतों की श्रेणी ।
‘bottom-set bed’ तथा ‘top-set bed’ की भी परिभाषा देखें ।

foreshore

तटाग्र, अग्रतट :
निम्नतम तथा उच्चतम ज्वार तलों में मध्य निचला तट क्षेत्र ।

formation

शैलसमूह :
स्तरिकी (stratigraphy) में यह शब्द उन शैल स्तरों के समुच्चय के लिए प्रयुक्त होता है जिसमें आश्मिक या प्राणिजातीय समानता मिलती है ।

framboidal texture

गुलिका गुच्छ गठन :
पाइराइट के सूक्ष्मदर्शीय कणों के समुच्चयों से निर्मित गठन ।

fringing reef

तटीय प्रवाल भिति :
वह प्रवाल भित्ति जो तट से संलग्न रहती है । इसमें भित्ति और उस भूमि के बीच जिसके साथ यह संलग्न रहती है, कोई लैगून या खुली जल राशि नहीं होती । यह आमतौर पर एक ऐसी उथली वेदिका के ऊपर निर्मित होती है जो तट रेखा से बाहर की ओर निकली हुई होती है और अत्यधिक निम्न ज्वार के समय अनावृत हो सकती है ।

fuller’s earth

मुल्तानी मिट्टी :
मृत्तिका से मिलती-जुलती एक प्रकार की सूक्ष्म मिट्टी जिसमें प्लास्टिकता नहीं होती । इसमें जल तथा मैग्नीशियम की मात्रा निश्चित रूप से अधिक होती है और तेलों तथा वसाओं को विरंजित करने का गुण भी होता है ।

fumarole

वाष्पमुख :
ज्वालामुखी क्षेत्रों में एक विवर (छिद्र) जिसमें से भाप, गरम गैस तथा वाष्प या धुआं ज़ोर से या हलके-हलके निकलता रहता है ।

furrow

खांच :
हिमनदों या भ्रंशन से निर्मित खरोंच अथवा खांच-चिह्र । इस प्रकार के चिह्र किसी भ्रंश-पृष्ठ पर या उस स्थान पर भी प्रायः दिखाई पड़ते हैं जहाँ से होकर कोई हिमनद संचलित हुआ हो ।

Search Dictionaries

Loading Results

Follow Us :   
  Download Bharatavani App
  Bharatavani Windows App