भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

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Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

अंबुधि

(पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ जल का भंडार या आगार, जल को धारण करने वाला। पर्या. सागर, समुद्र।

अंव्य

(वि.) (तत्.)

सा.अर्थ किसी भी वस्तु, वर्ण आदि के उसकी सीमा में होने की स्थिति। जैसे : ‘स्वागत’ शब्द में अंत्य अक्षर ‘त’ है।

अंश

(पुं.) (तत्.)

सा.अर्थ भाग, हिस्सा। 1. गणि. भिन्न संख्या में पंक्‍ति के ऊपर का अंक, भाज्य संख्या, वह संख्या जिसका भाग करना है। 2. लेख का उद्भूत किया जाने वाला अंश passage 3. वाणि. कंपनी की संपूर्ण पूँजी का व्यक्‍तिश: भाग share 4. भू. वृत्‍त की परिधि का 360 वाँ भाग degree 5. खगों. चंद्रमा की एक कला, सोलहवाँ भाग 6 आयु. कंधा।

अंशकालिक

(वि.) (तत्.)

थोड़े समय के लिए होने वाला, कुछ काम के लिए किया जाने वाला part time जैसे : अंशकालिक कर्मचारी विलो. पूर्णकालिक

अंशु

(स्त्री.) (तत्.)

सूर्य की किरणें।

अंशुमाली

(पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ किरणों की माला तैयार करने वाला, किरणों का संग्रह। पर्या. सूर्य।

अँखिया

(स्त्री.) (बहु. [<आँख < तद्. सं. अक्षि])

आँखे बहु. वह इंद्रिय जिससे प्राणियों को रूप, रंग तथा आकार का ज्ञान होता है। पर्या. नेत्र, नयन, दृष्‍टि। उदा. अँखिया हरिदरसन को प्यासी (मीरा)। दे. आँख।

अँखुआ

(पुं.) (तद्. < अंकुर)

बीज के अंकुरित होने की प्रक्रिया में प्राथमिक लक्षण।

अँगड़ाई

(स्त्री.) (तद्. > अंगगेटिका)

शरीर की स्वाभाविक संरचना में कृत्रिम रूप से माँसपेशियों में खिंचाव पैदा करने की क्षणिक क्रिया जो कदाचित् आलस्य अथवा थकान से शरीर को चैतन्यावस्था में लाने हेतु बाँहों और/या टाँगों को फैलाकर प्रकट होती है।

अँगिया

(स्त्री.) (तद्. > अंगिका)

शरीर के कटि भाग से ऊपरी हिस्से में पहना जाने वाला महिलाओं का एक परिधान; चोली, कंचुकी।

अँगीठी

(स्त्री.) (तद्. > अग्निष्‍ठिका)

(मुख्यत: खाना पकाने और गौणत: शीत ऋतु में शरीर को गर्मी पहुँचाने के लिए) आग जलाने का मिट्टी या लोहे से बना पात्र।

अँगूठा छाप

(वि.) (तद्.)

(व्‍यक्‍ति) जो हस्ताक्षर के स्थान पर अँगूठे की छाप लगाता हो, अनपढ़।

अँगूठा

(पुं.) (तद्. > अंगुष्‍ठ)

मनुष्य के हाथ और पैर की उॅगलियों में से किनारे वाला वह अपेक्षाकृत कम लंबा पर अधिक मोटा अंग जो शेष चारों अंगुलियों की तुलना में अधिक सक्रिय रहता है। पर्या. अंगुष्‍ठ तु. अंगुलि, उँगली मुहा. अँगूठा चूसना – अबोध शिशु जैसी (बचकानी) हरकतें करना उदा. बेटे! अब तुम बड़े हो गए हो। अपनी अँगूठा चूसने वाली हरकतें छोड़ो।

अँगूठी

(स्त्री.) (तद्.)

अंगुली में पहना जाने वाला गोलाकार आभूषण, मुंदरी।

अँगोछा

(पुं.) (तद्.)

पानी से गीले या पसीने से तर शरीर को पोंछने के काम आने वाला वस्त्र; गमछा, तौलिया।

अँटना

(देश.)

1. समाना उदा. इस बरतन में कितना पानी अँट सकता है? कितना पानी समा सकता है? भरा जा सकता है? 2. सन जाना, भर जाना उदा. सारा जंगल धूल से अँट गया।

अँतड़ी

(स्त्री.) (तद्.<आंत्र)

आँत, प्राणियों के आमाशय के निचले भाग से जुड़ा लंबा नलिका-तंत्र जिसमें पाचन और अवशोषण क्रिया के बाद मलावशेष गुदा द्वार से होकर बाहर निकल जाता है। टि. आँत में जुड़ा- ड़ी प्रत्यय अवमाननासूचक और क्षुद्रताबोधक अर्थ का वाचक है।

अँधेरा/अँधियारा

(तद्.<अंधकार )

पुं. अंधकार, प्रकाश का सर्वथा अभाव विलो. प्रकाश रोशनी।

अकड़

(स्त्री.) (देश.)

1. ऐंठने की क्रिया अथवा भाव, ऐंठ, तनाव, हेकड़ी 2. घमंड, अभिमान, शेखी के प्रदर्शन का भाव।

अकथ

(वि.)

दे. अकथनीय।

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