भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

व्यवस्थापक

(पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ व्यवस्था करने वाला व्यक्‍ति। 1. किसी संस्था, कारखाने या न्यास की प्रशासनिक व्यवस्था देखने वाला अधिकारी। पर्या. प्रबंधक, संचालक।

व्यवस्था-प्रश्‍न

(पुं.) (तत्.)

(व्यव्सथा-प्रश्‍न) लोकसभा, विधानसभा आदि की बैठक में किसी सदस्य द्वारा उठाई गई नियम से संबंधी कोई आपत्‍ति। औचित्य-प्रश्‍न। point of order

व्यवस्थित

(वि.) (तत्.)

1. जिसे ठीक तरह से उचित या निर्धारित स्थान और क्रम से रखा या लगाया गया हो। जैसे: यहाँ चित्रों को व्यवस्थित ढंग से लगाया गया है। 2. जो नियमों के अनुसार तथा व्यवस्था से युक्‍त हो। जैसे: यहाँ छात्रों की पढ़ाई व्यवस्थित ढंग से होती है। विलो. अव्यवस्थित।

व्यवहार

(पुं.) (तत्.)

सामाजिक संबंधों के निर्वाह में दो या दो से अधिक व्यक्‍तियों का आपसी बर्ताव behaviour, आचरण conduct 2. बहुत दिनों से चली आ रही प्रथा। practice 3. रुपए-पैसे आदि का लेनदेन। पर्या. सहकारी, महाजनी banking business 4. प्रयोग, उपयोग use।

व्यसन

(पुं.) (तत्.)

सा.अर्थ बुरी लत, आदत या शौक जैसे: शराब पीना उसका व्यसन बन गया है। 2. अच्छे अर्थ में पर्या. दुर्व्यसन। बहुत अधिक आदी हो जाना। जैसे: कविता, कहानी पढ़ते रहना मेरा व्यसन बन चुका है।

व्यस्त

(वि.) (तत्.)

1. किसी कार्य में तल्लीन या रत रहना।

व्यस्तता

(स्त्री.) (तत्.)

किसी कार्य में तल्लीन या रत रहने की स्थिति, व्यक्‍ति जिस काम में लगा हो उसे छोड़कर अन्य काम के लिए समय न निकाल पाने की स्थिति।

व्याकरण

(पुं.) (तत्.)

वह शास्त्र जिसमें किसी भाषा के शब्दों के प्रकारों और प्रयोग के नियमों का वैज्ञानिक विवेचन होता है। जैसे: पाणिनि की ‘अष्‍टाध्यायी’।

व्याकुल (वि+आकुल)

(वि.) (तत्.)

किसी अप्रिय घटना के घटित हो जाने और उससे उबर न पाने की अवस्था में घबराया हुआ (व्यक्‍ति) जैसे: स्टेशन पहुँचने पर जेब में टिकट नहीं मिला तो वह व्याकुल हो गया।

व्याकुलता

(स्त्री.) (तत्.)

व्याकुल हो जाने की स्थिति।

व्याख्यान

(पुं.) (तत्.)

1. किसी विषय की व्याख्या करने की क्रिया या भाव। 2. विवेचन, व्याख्या 3. भाषण। जैसे: आज एक अमेरिकी विद्वान ने ‘वदों’ पर अपना व्याख्यान दिया।

व्याधि

(स्त्री.) (तत्.)

शरीर का रोग, बीमारी। जैसे: बुखार, खाँसी आदि।

व्यापक

(वि.) (तत्.)

1. विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ तथा प्रभाव-सम्पन्न। उदा. ईश्‍वर सर्वव्यापक है। 2. कुछ एक तक सीमित न होकर सभी से संबंध रखने वाला। जैसे: व्यापक दृष्‍टिकोण।

व्यापार

(पुं.) (तत्.)

1. एक या एकाधिक वस्तुओं (उत्पादों) की खरीद और बिक्री की व्यवस्था। पर्या. जैसे: खाद्य तेलों का व्यापार। trade 2. आर्थिक लाभ से जुड़ा हुआ काम। जैसे: आजकल शिक्षा भी व्यापार बन गई है।

व्यापारिक

(वि.) (तत्.)

व्यापार-विषयक, व्यापार से संबंधित, जैसे: व्यापारिक वार्ता, व्यापारिक संबंध।

व्यापारी

(पुं.) (तत्.)

जीविकोपार्जन के लिए रोजगार या व्यापार के कार्य में लगा व्यक्‍ति। पर्या. व्यवसायी।

व्याप्‍त

(वि.) (तत्.)

1. महँगाई बढ़ने से जनता में असंतोष व्याप्‍त है। 2. ईश्‍वर घट-घट में व्याप्‍त है।

व्याप्‍ति

(स्त्री.) (तत्.)

व्याप्‍त होने का भाव। दे. व्याप्‍त।

व्यायाम

(पुं.) (तत्.)

1. शरीर के अंगों को स्वस्थ एवं पुष्‍ट करने के लिए नियमित रूप से किया जाने वाला शारीरिक अभ्यास। 2. शारीरिक कसरत, परिश्रम। exercise जैसे: हमें पूर्ण स्वस्थ रहने के लिए प्रात:काल नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए।

व्यावहारिक (व्यवहार + इक)

(वि.) (तत्.)

1. व्‍यवहार से संबंधित। विलो. सैद्धांतिक। 2. जो व्यवहार में लाया जा सके। 3. क्रियात्मक, रीतिरिवाज़ या परंपरा के अनुसार practical 4. व्यवहार कुशल। विलो. अव्यावहारिक।

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