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Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

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रंक

(पुं.) (तत्.)

व्यक्‍ति जिसके पास जीवन-यापन के लिए नाममात्र के साधन उपलब्ध हों।, 1. कंगाल, 2. दीन, 3. दरिद्र। ‘आया है जो जाएगा राजा-रंक-फकीर।’ विलो. राजा।

रंगकर्मी

(पुं.) (तत्.)

रंगमंच पर नाटक का अभिनय करने वाले कलाकार। पर्या. मंचकर्मी।

रंगत

(स्त्री.)

1. किसी रंग की झलक, 2. किसी काम में आने वाला मज़ा या आनंद। 3. असर या प्रभाव। मुहा. रंगत आना=आनंद आना। 2. रंगत चढ़ना=प्रभाव पड़ना। प्रयो. ‘आपकी बातों से तो लगता है कि आप पर दार्शनिकों की रंगत चढ़ चुकी है।’

रंग-बिरंगा

(वि.)

अनेक रंगों से चित्रित, सुंदर।

रंगभूमि

(स्त्री.) (तत्.)

1. वह शाला जिसमें नाटक, खेल-तमाशे आदि किए जाएँ तथा जहाँ मंच और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था हो। 2. युद्ध क्षेत्र के लिए प्रयुक्‍त एक पर्याय। पर्या. नाट्यशाला। theater

रंगमंच

(पुं.) (तत्.)

नाटक खेलने के लिए बना मंच। पर्या. नाट्यमंच।

रंगमात्र

(वि.) (तद्<रंजमात्र/रजमात्र)

ज़रा-सा भी, कण मात्र भी, अत्यंत अल्प मात्रा वाला। पर्या. लेशमात्र।

रंगरलियाँ/रंगरेलियाँ

(स्त्री.) (देश.)

1. आमोद-प्रमोद 2. मौजमस्ती। मुहा. रंगरेलियाँ मनाना- विलास क्रीड़ाएँ करना, खुशियाँ मनाना।

रंग-रूप

(पुं.) (तत्.)

1. सुंदर मुखाकृति (नाक, आँख, ओष्‍ठ आदि) तथा सुंदर वर्ण। 2. देखने में सुंदर लगने का गुण। looks, peature प्रयो. उसका रंग-रूप अच्छा होने के कारण उसे नाटक में स्थान मिल गया।

रंगारंग

(वि.) (तत्.)

(देश.<रंग+अनुर.) 1. अनेक रंगों वाला, रंगबिरंगा। 2. विविधताओं से युक्‍त एवं मनोरंजक। जैसे: रंगारंग कार्यक्रम।

रंगीन

(वि.) (फा.)

1. रंगा हुआ, रंगदार, 2. विलासप्रिय, शौकीन, 3. विनोदप्रिय, चुलबुला, 4. अलंकरों से युक्‍त (काव्यरचना)। प्रयो. मुस्लिम शासक प्राय: रंगीन मिज़ाज वाले हुआ करते थे।

रंगीला

(वि.) (देश.)

वह (व्यक्‍ति) जो कामुक एवं विलासितापूर्ण जीवन जीने की प्रवृत्‍ति वाला हो। पर्या. रंगीन, रसिक। प्रयो. शाहजहाँ को रंग शासक कहा जाता है।

रंगोली

(स्त्री.) (तद्<रंगवल्ली)

सजावट के लिए रंगबिरंगे सूखे चूर्णों से ज़मीन पर या किसी सपाट चबूतरे आदि पर की जाने वाली बेलबूटों से युक्‍त चित्रकारी। टि. यह विधा प्राय: दक्षिण भारत में धार्मिक-सामाजिक अवसरों पर अधिक प्रचलित है। आजकल गीले रंगों, फूलों, पत्तों, अनाज के दानों आदि से भी रंगोली तैयार की जाती है।

रंचमात्र

(वि.) (तद्.<रंचमात्र+रजमात्र)

ज़रा सा भी, कण मात्र भी, अत्‍यंत अल्‍प मात्रा वाला। पर्या. लेशमात्र।

रंज

(पुं.) (.फा.)

1. तकलीफ, दुख; पीड़ा, दर्द। 2. शाक, ग़म। उदा. 1. आपकी बीमारी की खबर सुनकर बड़ा रंज हुआ। 2. उसके परिवार में मृत्यु होने पर हम रंज गम प्रकट करने उसके घर गए।

रंजक

(वि.) (तत्.)

रंगने वाला (व्यक्‍ति या पदार्थ)। 1. पुं. रंगरेज़, रंगसाज, 2. इंगुर, मेहंदी, महावर आदि।

रंजित

(वि.) (तत्.)

1. रंगा हुआ; जिस पर रंग चढ़ा या चढ़ाया जाता हो। जैसे: रक्‍त-रंजित। ला.अर्थ प्रेम में पगा हुआ।

रंजिश

(स्त्री.) (फा.)

1. किसी के प्रति मन में रहने वाला वैमनस्य या अप्रसन्नता। 2. शत्रुता जैसा भाव। शा.अर्थ 1. मनमुटाव, 2. नाराज़गी, 3. अनबन। प्रयो. आजकल आपका भाई मेरे प्रति रंजिश तो रखता ही है।

रँगना स.क्रि.

(तद्.)

1. किसी सफेद कपड़े को रंग में डुबोकर उस पर या किसी भी सपाट पृष्‍ठभूमि पर रंग पोतकर रंग चढ़ाना। जैसे: कपड़ा रँगना। मुहा. रंगे हाथ (हाथों) पकड़े जाना=अपराध करते समय ही देख लेना। उदाहरण-कल कार्यालय का एक कर्मचारी रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
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