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Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

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यकीन

(पुं.) (अर.)

किसी बात पर किया गया विश्‍वास, भरोसा, एतबार। उदा. मुझे पूरा यकीन है कि इस बार परीक्षा में तुम उच्च स्थान प्राप्‍त करोगे।

यक़ीनन

(वि./अव्य.) (अर.)

निस्संदेह, निश्‍चित ही। प्रयो. यक़ीनन इस समय वह उद्यान से आ गया होगा।

यकृत

(पुं.) (तत्)

1. शरीर में उदर भाग में दाहिनी ओर स्थित वह थैली जिसकी क्रियाशीलता से खाया हुआ भोजन पचता है, जिगर, लीवर। 2. तापतिल्ली नामक रोग। प्रयो. यकृत हमारे शरीर के पाचन संस्थान का प्रमुख अंग है।

यकृतशोथ

(पुं.) (तत्)

यकृत (जिगर) का जीवाणु या विषाणु से संक्रमित होकर सूज जाना। Hepatitis

यक्ष्मा

(पुं.) (तत्<यक्ष्मन्)

1. वह रोग जिसके होने से शरीर बिलकुल सूख जाता है। केवल हडि्डयों का ढाँचा दिखाई देता है। 2. क्षय रोग, तपेदिक tuber culosis (T.B.) उदा. यक्ष्मा रोग की प्रारंभिक अवस्था में ही चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है।

यजमान

(पुं.) (तत्)

वह गृहस्थ व्यक्‍ति जो अपने पुरोहित से अपने निमित्‍त यज्ञ और/या अन्य धार्मिक कृत्य करवाता है, तथा बदले में उसे पारिश्रमिक स्वरूप दान-दक्षिणा आदि देता है। तु. पुरोहित।

यजमानी

(स्त्री.) (दे.)

(यजमान का कार्य, यजमान-वृत्‍ति। दे. यजमान।

यजुर्वेद

(पुं.) (तत्)

चार वेदों में से दूसरा प्रसिद् ध वेद। इसमें यज्ञ-कर्मों के विस्तारपूर्वक विवेचन के साथ यज्ञ विषयक मंत्रों को संगृहीत किया गया है।

यज्ञ

(पुं.) (तत्)

1. पूजा या उपासना की एक पद् धति या कार्य। 2. प्राचीन काल से प्रचलित आर्यों का एक प्रसिद्ध धार्मिक कृत्य या अनुष्‍ठान जो विशिष्‍ट रूप से हवन के रूप में होता है। 3. बलिदान से संबंधित धार्मिक कृत्य। पर्या. हवन, याग।

यज्ञ मंडप

(पुं.) (तत्)

दे. ‘यज्ञशाता’।

यज्ञशाला

(स्त्री.) (तत्)

(ऋषियों के आश्रमों में अब आर्य समाज मंदिरों में भी) वह निश्‍चित मंडप, जहाँ यज्ञ किए जाते हैं। पर्या. यज्ञमंडप।

यति

(पुं.) (तत्)

1. संन्‍यासी, साधु। यति स्त्री. 2. कविता की पंक्‍ति में वह स्थान जहाँ पढ़ते समय थोड़ा विराम लिया जाता है। प्रयो. हमें कवितावाचन में लय, गति और यति पर ध्यान देना चाहिए। टि. कविता लेखन में प्राय: इसे अर्धविराम (,) द्वारा सूचित किया जाता है।

यतीम

(पुं./वि.) (वि.)

(अर.) 1. वह कम उम्र वाला व्यक्‍ति जिसका भरण-पोषण करने वाला कोई न हो। 2. वह बालक जिसके पिता की मृत्यु हो गई हो। शा.अर्थ अनाथ, बेसहारा, बेचारा। उदा. कल की दुर्घटना में यह बालक यतीम हो गया।

यतीमख़ाना

(पुं.) (अर.)

निराश्रित व्यक्तियों एवं अनाथ बालको के पालन- पोषण का वह स्थान जो किसी सरकारी या सामाजिक संस्था की देखदेख मे संचालित हो। शा.अर्थ अनाथालय उदा. इस यतिमखाने मे बच्चो की शिक्षा का उत्तम प्रबंध है।

यत्‍न

(पुं.) (तत्.)

किसी भी कार्य को आरंभ से अंत तक पूरा करने का प्रयास या उद्योग। पर्या. कोशिश, प्रयत्‍न।

यंत्र

(पुं.) (तत्)

1. वह उपकरण या कल पुर्जों को मिलाकर बनाई गई मशीन जो कोई विशेष कार्य करने या कोई वस्‍तु, कल पुर्जे आदि बनाने के लिए या शक्‍ति उत्‍पन्‍न करने के लिए हो। शा.अ. मशीन, instrument उदा. यह अखबार छापने का यंत्र है 2. (तंत्र) गले या हाथ में बाँधने का ताबीज, पूजा के लिए कागज़ या धातु पर बनाया हुआ कोई रेखाचित्र।

यंत्र-चालित

(वि.) (तत्)

1. वह (कार्य) जो किसी यंत्र की सहायता से किया गया हो। प्रयो. यंत्रचालित पद्धति से अध्‍यापन नहीं हो सकता कि कक्षा में गए, हाजिरी ली, भाषाण दिया और निकल आए।

यत्र-तंत्र

(तत्.) (अव्य.)

यहाँ-वहाँ (सभी जगह); जहाँ-तहाँ (इधर-उधर), जगह-जगह।

यंत्रणा

(स्त्री.) (तत्)

शिकंजे में कसे होने और उससे छूटने का यत्‍न करने जैसा शरीर या मन को होने वाला कष्‍ट। पर्या. घोर दु:ख, तीव्र पीड़ा, अपार वेदना।
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