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Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

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फक

(वि.) (अर.फक)

फक) जिसकी रंगत बिगड़ गई हो। पर्या. विवर्ण, निष्प्रभ, निस्तेज। उदा. पुलिस को देखते ही उसका चेहरा फक हो गया।

फकत

(वि.) (अर.)

केवल, सिर्फ। उदा. सब सूरते लंगूर, फकत दुम की कसर है।

फकीर

(पुं.) (अर.)

1. मुलसमान साधु जो भीख माँगकर गुजर-बसर करता है। 2. ला.प्रयोग व्यक्‍ति जिसकी आय का साधन बहुत सीमित हो फिर भी खर्च करने में कोताही न बरते; बहुत ही गरीब व्यक्‍ति।

फक्कड़

(वि.)

(देश(फाका) 1. निर्धनता की स्थिति के बावजूद भी मस्त रहने वाला मनमानी। 2. चिंता रहति प्रकृति वाला। care-free 2. प्रकृति वाला।

फगुआ

(पुं.)

(देश फाग(फाल्गुन) 1. फाल्गुन मास में होने वाला राग-रंग, होली का त्यौहार, होली, फाग। 2. होली के अवसर पर गाए जाने वाले गीत।

फजीहत

(स्त्री.) (अर.)

अपमान, बदनामी, बेइज्जती; दुर्दशा, दुर्गति की मिलीजुली भावना का सूचक शब्द। उदा. तुम अपनी फजीहत करवाने पर क्यों तुले हो? मुहा. थुक्का फजीहत = दो पक्षों के बीच की ऐसी कहा-सुनी जिसे देख और सुनकर लोगबाग दोनों पक्षों की थू-थू करें और उनकी बदनामी खूब फैल जाए।

फजूल खर्च/फिजूल/फुजूल

(वि.)

(फार.) बहुत अधिक खर्च करने वाला; अनावश्यक खर्च करने वाला, अपव्ययी।

फजूलखर्ची

(स्त्री.)

(फ़ार.) अनावश्यक खर्च करने की आदत या स्वभाव।

फटकना

स.क्रि. (फटे की आवाज.) सूप आदि से अनुरणन कर ‘फट’-‘फट’ की ध्वनि करते हुए दानों और भूसे या कूड़े को अलग करने की सफाई की क्रिया।

फटकार

(स्त्री.)

1. किसी वस्तु (जैसे: कपड़े, कोड़े आदि) को हाथ झटककर तेजी से इस तरह हिलाना कि उससे ‘फट’ जैसी आवाज निकले। जैसे: 1. धोबी कपड़े फटकारता है। 2. थोड़ा फटकारना। 2. किसी को लज्जित करने के लिए क्रोध में कही गई बात, झिडक़ी, भर्त्सना।

फटकारना स.क्रि.

(तत्.) (दे.)

1 फटकार 2. किसी को लज्जित करने के लिए क्रोध में भला-बुरा कहना, किसी को डॉटना। दे. फटकार 1 3. झटका देकर छितराना या खुला रखना, चुटिया। जैसे: बाल फटकारना।

फटना अ.क्रि.

(तद्.)

(स्फटन) किसी वस्तु के सपाट तल में दरार पड़ जाना। विदीर्ण होना। उदा. उसका कुर्ता फट गया; धरती फट गई और सीताजी उसमें समा गई; दूध फट गया; बादल फट गए, दिल फट गया।

फटिक

(पुं.) (तद्.स्फटिक)

संग-मरमर; सफेद पारदर्शी पत्थर। फिटकिरी दे. स्फटिक।

फटीचर

(वि.) (देश.)

फटे-पुराने कपड़े पहने हुए, दीन-हीन हालत वाला। उदा. फटीचर हालत में कहाँ घूमते फिर रहे हो।

फड़कना अ.क्रि.

(देश.)

अनुरणन। रुक-रुक कर कंपित होना, चलायमान होना। जैसे-आँख का फडक़ना; भुजाओं का फडक़ना।

फड़फ़ड़ाना

अ.क्रि. (‘फड़-फड़’अनुरण.) 1. फड़-फड़ शब्द करना या होना। 2. पंखों को इस प्रकार हिलाना कि ‘फड़-फड़’ की ध्वनि सुनाई पड़े। 3. छटपटाना-किसी समस्या से बच निकलने के लिए बेचैन होना।

फण/फन

(पुं.) (तत्.)

साँप का फन।

फतवा

(पुं.) (अर.)

(खासकर इस्लामी मजहब में) किसी धार्मिक या सामाजिक विषय पर धार्मिक न्यायकर्ता (मौलवी) द्वारा जारी की गई निर्णयात्मक व्यवस्था।

फतह

(स्त्री.) (अर.)

विजय, जीत; सफलता। जैसे: किले को फतह करना। फतह का डंका-जीत की खुशी।
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