भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

< previous12345Next >

निंदक

(वि.) (तत्.<निंदा)

निंदा करने वाला। निंदनीय वि. (तत्.) निंदा करने योग्य।

निंदा

(स्त्री.) (तत्.)

1. किसी के वास्तविक दोषों का किया गया उल्लेख अथवा ईर्ष्यावश की गई बुराई। पर्या. अपकीर्ति, बदनामी censure विलो. प्रशंसा।

नींद

(स्त्री.) (तद्.<निद्रा)

प्राणियों की वह अवस्था जब उनकी आँखें बंद हो जाती है, सामान्य चेतना क्रियाएँ कुछ काल के लिए रुक जाती हैं और शरीर व मस्तिष्क विश्राम करते हैं तथा समाप्‍ति के बाद ताज़गी का अनुभव होता है। पर्या. निद्रा। मुहा. नींद उचटना/खुलना/टूटना = नींद की समाप्‍ति। नींद उड़ना/हराम होना = चिंता या अन्य किसी कारण नींद न लगना।

नींव

(स्त्री.) (तद्.<नेमि)

1. भवन आदि बनाते समय उसका वह मूल भाग जो जमीन खोदकर तथा उसे रोड़ी सीमेंट, ईंट, लोहा आदि से भरकर मजबूत बनाया जाता है जिससे उस पर उठने वाली दीवारें मजबूती से खड़ी रहें। 2. किसी वस्तु या कार्य का मजबूत आधार वाला मूल भाग। मुहा. नींव का पत्थर मजबूत आधार, मूल आधार। उदा. श्री गोपाल कृष्ण तो इस अनाथ संस्था के नींव के पत्थर हैं। foundation stone

नीचता

(स्त्री.) (तत्.)

नीच वि. तत्. जो गुण, कर्म आदि की दृष्‍टि से निकृष्‍ट या ऊधम हो। 1. नीच होने की अवस्था या भाव। नीचपन, नीचपना। 2. आचरण की वह स्थिति जो ऊधम या तुच्छ हो। उदा. नीच स्वभाव वाला व्यक्‍ति अपनी नीचता दिखाए बिना नहीं रहता।

नीति

(स्त्री.) (तत्.)

1. किसी कार्य को चलाने के आधारभूत सिद् धांत। जैसे: शिक्षा नीति, राजभाषा नीति। 2. संस्था या सरकार की कार्य पद् धति के सिद् धांत। जैसे: राजनीति, सरकार की नीति। 3. आचरण के लिए समाज द्वारा स्वीकृत नियम, नीतिशास्त्र के नियम।

नीतिकुशल

(वि.) (तत्.)

शा.अर्थ नीति का जानकार और उसके अनुसार आचरण करने वाला। विक. अर्थ चतुर, व्यवहार कुशल।

नीतिज्ञ वि/पुं.

(पुं.) (तत्.)

नीति का अच्छा जानकार और उसके अनुसार आचरण करने वाला।

नीति-रीति [नीति + रीति]

(स्त्री.) (तत्.)

आधारभूत सिद् धांत और तदनुसार कार्य/ व्यवहार। जैसे: सरकारी नीति-रीति।

नीयत

(स्त्री.) (अर.)

मन में पैदा हुए तात्कालिक भाव के अनुसार कार्य करने की इच्छा। पर्या. इरादा, मंशा। उदा. 1. वह नीयत का साफ़ है। तुम्हें धोखा नहीं देगा। 2. उसकी नीयत बिगड़ गई लगती है। तभी उसने तुम्हें धोखा दिया। मुहा. नीयत डोलना/बिगड़ना = इरादा बुरा हो जाना। नीयत न भरना = संतुष्‍ट नहीं होता। नीयत भर जाना = संतुष्‍ट हो जाता।

नीर

(पुं.) (तत्.)

(पेय) जल, पानी। जैसे: नीर-क्षीर विवेक = दूध का दूध और पानी का पानी; सही और गलत का विवेकपूर्ण हल।

नीर-क्षीर-विवेक

(पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ मिले हुए पानी और दूध को अलग-अलग करने का ज्ञान/सामर्थ्य। जैसे: हंस का नीर-क्षीर विवेक। ला.अर्थ अच्छाई और बुराई में अंतर करने की क्षमता।

नीरव [निर्+रव]

(वि.) (तत्.)

जिसमें किसी प्रकार की ध्वनि/शब्द न हो, नि:शब्द, मौन, चुप। उदा. नीरव स्थान में पत्‍ते के खडक़ने की आवाज़ भी सुनाई पड़ जाती है।

नीरवता

(स्त्री.)

नि:शब्दता, सन्नाटा, खामोशी। हिंसक घटना के बाद बस्ती में भय के कारण नीरवता छा गई।

नीरस [निर्+रस]

(वि.)

1. जिसमें रस न हो, रसहीन, सूखा, शुष्क। जैसे: नीरस फल, नीरस तरु। 2. जिसमें रोचकता न हो। जैसे: नीरस जीवन, नीरस नाटक।

नीरोग [निर्+रोग]

(तत्.)

जिसे कोई रोग या बीमारी न हो; जो बीमारी के बाद अब स्वस्थ हो गया है। स्वस्थ, तन्दुरुस्त। उदा. संतुलित आहार लेने से लोग नीरोग रहते हैं। विलो. रोगी।

नीरोगी

(वि.) (तत्.)

[निर् + रोगी] (तत्.) 1. जिसे किसी प्रकार का रोग न हो। 2. पूर्णतया स्वस्थ। उदा. वही सुखी जिसकी नीरोगी काया।

नील

(पुं.) (तत्.)

वि. नीले रंग का। जैसे: नील कमल। पुं. 1. बैंगनी नीला रंग जो इंडिगोफेरा नामक पौधे से निकाला जाता है। indigo जैसे: (चंपारण में होने वाली) नील की खेती। 2. राम की सेना का एक वानर जिसने अपने भाई नल के साथ समुद्र में पुल बाँधा था। 3. भारतीय गणना पद् धति में वह संख्या जो एक लाख करोड़ (दस बिलियन) के बराबर होती है यानी 1,00,00,00,00,00,000

नीलकंठ

(वि.) (तत्.)

जिसका कंठ नीले रंग का हो, नीले गले वाला। पुं. 1. चिड़िया जिसका कंठ हल्का नीला, पंख फ़िरोजी तथा गहरे नीले और पैर बादामी रंग के होते हैं। उदा. नीलकंठ पक्षी का दर्शन शुभ माना जाता है। 2. गहरे नीले कंठ वाला मयूर, मोर। 3. शिव, महादेव (विष पीने के कारण शंकर जी का गला नीला पड़ गया था) (पौराणिक आख्यान)।
< previous12345Next >

Search Dictionaries

Loading Results

Follow Us :   
  Download Bharatavani App
  Bharatavani Windows App