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Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

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ठकुरसुहाती

(वि./स्त्री.) (देश.)

व्यु.अर्थ (बात) जो ठाकुर (मालिक) को सुहाए (अच्छी लगे) सा. अर्थ मालिक के आगे-पीछे रहना हमेशा उनके मनोनुकूल बातें बोलते रहना। पर्या. खुशामद, लल्लो-चप्पो, हाँ-में-हाँ मिलाना।

ठग

(पुं.) (तद्.<स्थग)

लोगों को ठगने वाला, किसी का लूट लेने वाला। पर्या. वंचक।

ठगना स.क्रि.

(तद्.)

धोखे से दूसरे व्यक्‍ति को लूट लेना।

ठगी

(स्त्री.)

ठगने की क्रिया; ठगने का दुष्कृत्य, धोखा देकर पैसा लेना।

ठट्ठा

(पुं.) (तद्.< अट्टाहास)

1. किसी का मज़ाक उड़ाना। पर्या. परिहास, ठिठोली। 2. हँसी-मज़ाक की बातें करना। पर्या. दिल्लगी, मज़ाक, हँसी। उदा. कुछ लोग बैठे आपस में ठट्ठा कर रहे थे।

ठठरी

(स्त्री.) (देश.)

1. हडि्डयों का ढाँचा sketton उदा. लंबी बीमारी के बाद उसका शरीर ठठरी भर रह गया है। 2. शव ले जाने के लिए बाँस का बना सीढ़ीनुमा ढाँचा। पर्या. अरथी। 3. किसी खुले स्थान को ढँकने के लिए बाँस के ढाँचे पर फूस आदि बिछाकर बनाया गया छाजन। पर्या. छान।

ठठेरा

(पुं.) (देश.)

धातु के बरतन गढ़ने वाला। पर्या. कसेरा। स्त्री. ठठेरिन।

ठंड

(स्त्री.) (देश.)

शरीर के तापक्रम से बाहरी वातावरण के तापक्रम के कम होने की स्थिति। पर्या. शीत, सरदी, जाड़ा। उदा. ठंड के दिनों में हम गरम कपड़े पहनते हैं। विलो. गरमी।

ठंडक

(स्त्री.) (देश.)

हलकी ठंड। उदा. वर्षा के बाद आज मौसम में ठंडक है। ला.अर्थ संतोष, तृप्‍ति। मुहा. कलेजे में ठंडक पड़ना = शांति प्राप्‍त होना। विलोम जलन, ताप, गरमी।

ठंडा

(वि.) (देश.)

1. जिसमें ठंड हो, जिसकी गरमी समाप्‍त हो गई है। पर्या. शीतल जैसे: ठंडा पानी, चाय ठंडी हो गई। 2. जिसके स्वभाव में क्रोध, आवेश आदि न हो। पर्या. धीर, शांत। जैसे: क्रोध में न आओ। ठंडे मन से विचार करो। विलो. गरम। मुहा. ठंडी साँस लेना, भरना – (साँस के माध्यम से) दु:ख का भाव प्रकट करना। ठंडा करना – क्रोध शांत करना, तसल्ली देना। ठंडा होना – मर जाना। ठंडे बस्ते में डालना = लंबे समय के लिए टालना।

ठप्प/ठप

(वि.) (पुं.)

(अनु.) चलते-चलते किसी कार्य का कुछ समय के लिए रूक जाना। उदा. हड़ताल के कारण आज काम ठप रहा है। बिजली चले जाने से मशीनें ठप हो गई।

ठप्पा

(पुं.)

(अनु.) 1. धातु, लकड़ी, रबड़ आदि का वह टुकड़ा, जिस पर कुछ अक्षर, बेलबूटे आदि खुदे हों, और जिसे किसी कागज़, कपड़े आदि पर रखकर दबाने से आकृति दिखने लगे। पर्या. छापा, रूपदा ब्लॉक। 2. मुहर, मुद्रा।

ठसाठस क्रि.वि.

(वि.)
(तद्.)

1. हँस-हँस कर भरा हुआ, कसकर भरा हुआ। पर्या. खचाखच। 2. (ऐसी भीड़) जिसे देखकर लगे जैसे किसी ने ठूँस कर भर दिया हो। छुट्टी का दिन होने के कारण आज बस ठसाठस भरी हुई थी।

ठहरना अक्रि.


(तद्.)

1. चलते-चलते स्थिर हो जाना, रूक जाना। उदा. 1. इस स्टेशन पर डाकगाड़ी ठहरती है या नहीं? 2. कहीं डेरा डालना, टिकना। उदा. मैं धर्मशाला में ठहरा हूँ। 3. रुकावट के कारण पानी या किसी द्रव पदार्थ का स्थिर हो जाना। उदा. नाली का पानी ठहर गया है। 4. पक्का हो जाना। उदा. रिश्ता ठहरना। engagement (प्रेरणा.क्रि ठहराना)

ठहराव पुं


(तद्.)

1. ठहरने का भाव। पर्या. स्थिरता। 2. समझौता agreement

ठहाकेदार

(वि.)

[ठहाका + दार] तेज़ आवाज़ वाली; तेज़ आवाज़ वाली हँसी की तरह।

ठहाकेदार [ठहाका + दार]

(वि.)

ठहाकों से युक्‍त।

ठाकुर

(पुं.) (तद्.<ठक्कुर)

1. देवता, देवमूर्ति, ईश्‍वर, स्वामी। जैसे: ठाकुर जी की पूजा। 2. क्षत्रियों की उपाधि, जमींदार, मालिक। जैसे: ठाकुर तेज पाल सिंह। 3. नाइयों की उपाधि। जैसे: कर्पूरी ठाकुर। 4. बंगाल प्रदेश की एक जमींदार जाति जैसे: रवींद्र नाथ ठाकुर। स्त्री. ठकुराइन।

ठाकुर द्वारा

(पुं.) (तद्.<ठक्कुर द्वार)

मू.अर्थ भगवान के पास पहुँचने का माध्यम (दरवाज़ा)। सा.अर्थ मंदिर, देवस्थान, मठ।
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