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Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

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झपटना अ.क्रि.

(देश.)

1. तेजी से आगे बढ़ना 2. कुछ छीनने या आक्रमण करने के भाव से आगे बढ़ना उदा. बिल्ली चूहे पर झपटी।

झपट्टा

(पुं.) (तद्.)

1. झपटने की क्रिया या भाव 2. आक्रमण करके किसी वस्‍तु को किसी के हाथ से जबदस्‍ती छीनने की क्रिया। मुहा. झपट् टा मारना-झटका देकर किसी वस्‍तु को ले लेना। पुं. देश. 1. अचानक झपटने की क्षणिक क्रिया। 2. शत्रु को अवसर न देते हुए अचानक तेजी से आक्रमण या छीनने की क्रिया। उदा. चील ने झपट्टा मारा और चुहिया को ले उड़ी।

झब्‍बा

(पुं.) (देश.)

छोटे बच्‍चों का ढीला-ढाला फ्रॉकनुमा पहनावा। पर्या. झबला।

झमेला

(पुं.) (देश.)

1. ऐसी समस्‍या, जिसके कई पहलू हों और जिसे सुलझाना कठिन कार्य लगे। पर्या. झंझट, बखेड़ा 2. झगड़ा, टंटा।

झरना अ.क्रि.

(तद्.<क्षरण) (दे.)

1. झड़ना 2. पानी का बूँद-बूँद कर लगातार गिरना। पुं. तद्. <झरण प्रा.<क्षरण) 1. पहाड़ की ऊँचाई से गिरने वाली पानी की प्राकृतिक या कृत्रिम धारा 2. लगातार गिरने वाला पानी का प्रवाह, सोता, चश्‍मा 3. अनाज छानने की बड़ी छलनी। 4. रसोईघर में प्रयुक्‍त बड़ा पोना।

झरोखा

(पुं.) (तद्.)

सूर्य की किरणों (धूप) के कमरे में प्रवेश करने का स्‍थान; जालीदार खिड़की। पर्या. गवाक्ष, वातायन

झलक

(स्त्री.) (तद्.)

1. किसी भी आकृति का आभास या प्रतिबिंब मात्र 2. क्षण्‍मात्र किसी वस्‍तु के दिखलाई पड़ने की अवस्‍था। 3. चमक, द् युति। मुहा. झलक दिखलाना

झलकना अ.क्रि

(तद्.)

किसी माध्यम (जैसे: जल, बादल या वस्त्रावरण) से होकर किसी दृश्यमान वस्तु का दिखाई पड़ना, चमकना। 2. कुछ-कुछ दिखने का आभास होना, क्षणमात्र के लिए दिखना।

झल्लाना अ.क्रि

(तद्.झल < ज्वाल)

खीझकर या क्रोधित होकर बोलना, क्रोध या गुस्सा करना।

झाँकना अ.क्रि

(देश.)

1. किसी आड़ के पीछे रहकर चुपके से/गुप्‍त रूप से देखना। 2. रहस्य जानने के लिए कुछ झुककर अंदर की ओर देखना।

झाँकी

(स्त्री.) (देश.)

1. किसी देवमूर्ति का स्वरूप जिसका भली-भाँति शृंगार किया गया हो। 2. किसी विशेष विषय-वस्तु को ध्यान में रखकर प्रदर्शनार्थ सजाकर प्रस्तुत की गई सचल या अचल आकृति। जैस: छब्बीस जनवरी की झाँकियाँ। 3. किसी विशेष कार्यक्रम का परिचय देने के लिए प्रस्तुत निदर्शन। जैसे: वार्षिकोत्सव की चित्रात्मक झाँकी।

झाड़

(पुं.) (तद्.<झाट)

1. पादप का एक प्रकार जो वृक्ष से आकार में छोटा होता है यानी जिसका काष्‍ठिल तना पतला होता है और टहनियाँ जमीन के आसपास से ही फूटने लगती हैं। shrub स्त्री. झाड़ी। 2. छाड़ के आकार की तरह फैला छत से लटकाया जाने वाला दीपाधार, झाडफ़ानूस। 2. स्त्री. (<झाड़ना) 1. झाड़ने की क्रिया या भाव। उदा. सफाई कर्मचारी ने सारे खिडक़ी दरवाजे़ झाड़ दिये। 2. मंत्र से रोग, भूत-प्रेतादि उतारने का काम। तांत्रिक की झाड़ से बच्चे का बुखार ठीक हो गया। 3. डाँट-फटकार। उदा. आज अधिकारी ने विलंब से आने वाले कर्मचारियों को झाड़ पिलाई/लगाई।

झाड़-झंखाड़

(पुं.) (देश.)

1. काँटेदार पेड़ों या झाडि़यों का समूह। 2. व्यर्थ के पेड़-पौधे। 3. टूटी-फूटी और रद् दी वस्तुओं का समूह।

झाड़न

(पुं.) (तद्.)

1. धूल-मिट् टी साफ़ करने के काम आने वाला कपड़ा, झाड़ू या बुरुश। 2. सफाई करने के बाद इकट्ठी हुई धूल मिट् टी।

झाड़ना स.कि.

(तद्.)

1. किसी वस्तु पर पड़ी हुई धूल इत्यादि झटके से हटाना। जैसे: कपड़े झाड़ना। 2. अपने आपको वास्तविक योग्यता से अधिक प्रदर्शित करना। जैसे: बातें झाड़ना। 3. किसी को खरी-खोटी सुनाना ताकि उसका अहंकार झड़ जाए। जैसे: मैंने उसे खूब झाड़ पिलाई। 4. किसी से धन आदि ऐंठना। जैसे: उसने मुझसे बातों-बातों में ही सौ रुपए झाड़ लिए। 5. प्रेत बाधा इत्यादि दूर करने के लिए मंत्रों का प्रयोग करना।

झाड़ी

(स्त्री.) (तद्.)

1. छोटे झाड या पौधे 2. छोटे-छोटे पौधों का समूह जो घने रूप में उगते हैं। पर्या. क्षुप

झाड़ीभूमि

(स्त्री.) (तद्.)

वह भूक्षेत्र जहाँ कँटीली झाडि़यों का आधिक्य (की अधिकता) हो।

झाड़ू

(पुं.) (देश.< झाड़ना)

लंबी सीकों या रेशों आदि का बना हुआ उपकरण जिससे ज़मीन, फर्श, दीवार आदि झाड़ते हैं पर्या. कूँचा, बुहारी।

झाबर

(पुं.) (देश.)

1. वह ज़मीन जो कीचड़ से युक्‍त या दलदली होती है। 2. खादर। 3. बड़ा टोकरा, खाँचा, झाबा। टि. ग्रामीण प्रयोग।
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