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Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Term

पद
तर्कशास्त्र में, वह शब्द अथवा शब्द-समूह जिसका प्रतिज्ञप्ति में उद्देश्य या विधेय के रूप में प्रयोग किया जा सके। जैसे, ‘राम’, ‘मनुष्य’, ‘इंग्लेंड का राजा’ इत्यादि।

Theism

ईश्वरवाद
ईश्वर की सत्ता में विश्वास रखने वाला सिद्धांत।

Terminism

1. नाममात्रवाद : देखिए “nominalism”।
2. अवधिवाद : ईसाई धर्म में, वह मत कि ईश्वर की अनुकंपा प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक अवधि नियत है जिसके व्यतीत होने पर मुक्ति असंभव हो जाती है।

Theistic Personalism

ईश्वरवरवादी व्यक्तिवाद
आस्था का वह स्वरूप जिसमें ईश्वर को व्यक्ति स्वरूप या व्यक्तित्व सम्पन्न माना जाता है।

Theocracy

ईश्वर तंत्र
वह राजतन्त्र जिसमें ईश्वर को एकमात्र शासक माना जाता है, कानून को दैवी इच्छा माना जाता है और धर्म तथा राज्य का तादात्म्य कर दिया जाता है।

Theocrasy

1. मिश्रदेवपूजा, मिश्रदेवोपासना : विभिन्न देवताओं की एकसाथ पूजा।
2. ईश्वर-सायुज्य : ध्यान या समाधि में आत्मा का ईश्वर से तादात्म्य।

Theodicy

ईश्वरीय-न्याय-मंडन
धर्मशास्त्र या दर्शन का वह भाग जिसमें जगत् के स्रष्टा ईश्वर के मंगलमय, सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान् होने के बावजूद सृष्टि में पाप, अन्याय और दुःख के रूप में अशुभ का जो अस्तित्व है उसका औचित्य समर्थन किया जाता है।

Theology

1. ईश्वरमीमांसा : सामान्यतः दर्शनशास्त्र की वह शाखा जिसमें ईश्वर का तथा जगत् और ईश्वर के संबंध का विवेचन किया जाता है।
2. धर्मशास्त्र : परंतु अब इस शब्द का प्रयोग धर्म-विशेष के सैद्धांतिक पक्ष के लिए अधिक होने लगा है। तदनुसार ईसाई, हिन्दू, मुस्लिम, यहूदी इत्यादि शब्दों के साथ प्रयुक्त होने पर इसमें अधिक सार्थकता आती है।

Theorem

प्रमेय
प्रतीकात्मक तर्कशास्त्र में, वह प्रतिज्ञप्ति जिसे अन्य आधारभूत प्रतिज्ञप्तियों के द्वारा प्रमाणित किया जाता है, अर्थात् जो उनसे व्युत्पाद्य हो।

Theory Of Internal Relations

अंतः संबंध सिद्धांत
प्रत्ययवादियों के अनुसार :
1. संबंध का वह प्रकार जिसमें संबद्ध वस्तुओं के स्वरूप को बिना क्षति पहुँचाये, परिवर्तित या निरस्त नहीं किया जा सकता।
2. वस्तुओं के आंतरिक गुणों पर आधारित, उनके परस्पर संबंध।

Theory Of Knowledge

ज्ञान का सिद्धांत
देखिए “epistemology”।

Theory Of Relativity

सापेक्षता सिद्धांत
भौतिकी तथा ज्ञानमीमांसा की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण, दिक्काल-विषयक एक गणितीय सिद्धांत, जिसे अलबर्ट आइन्सटाइन ने 1905 में एक विशेष सिद्धांत के रूप में प्रस्तुत किया था। इसमें परंपरा के अनुसार निरपेक्ष मानी गई कुछ बातों को, जैसे असमान दूरियों पर घटनेवाली कुछ घटनाओं की एककालिकता, दो घटनाओं के मध्य के समय, किसी ठोस पदार्थ की लंबाई इत्यादि को, एक दिक्काल-निर्देश-तंत्र के चुनाव और प्रेक्षक-विशेष के सापेक्ष माना गया है तथा कुछ सापेक्ष मानी गई बातों को, जैसे रिक्त दिक् में प्रकाश के वेग को, निरपेक्ष माना गया है।

Theory Of Representative Ideas

प्रतिनिधि-प्रत्यय-सिद्धांत
वह सिद्धांत कि प्रत्यक्ष, स्मृति इत्यादि में मन वस्तुओं को अपरोक्ष रूप से नहीं बल्कि उन प्रत्ययों के माध्यम से जानता है, जो मन में उन वस्तुओं का प्रतिनिधित्व करते हैं या उनके प्रतिनिधि होते हैं।

Theosis

ईश्वरापत्ति
जीवात्मा का परमात्मा में लय हो जाने की अवस्था।

Theosophy

ब्रह्मविद्या, देवविद्या
सामान्यतः कोई भी ऐसा दर्शन जो योग इत्यादि गुह्यतंत्रों या अंतःप्रज्ञा के द्वारा ईश्वर के साक्षात्कार में विश्वास करता है। विशेषतः मैडम ब्लावेट्स्की, एनी बीसेन्ट तथा कर्नल ऑलकॉट के नेतृत्व में चलाए गए एक समसामयिक आंदोलन का नाम, जो मुख्य रूप से हिंदूधर्म की लोकप्रिय धारणाओं का और योगियों, महात्माओं और संतों की साधन-पद्धति का समर्थन करता है।

Thesis

पक्ष
1. अरस्तू के अनुसार, वह प्रतिज्ञप्ति जो पहले से सिद्ध न की गई हो और किसी न्यायवाक्य में एक आधारवाक्य के रूप में प्रयुक्त हो।
2. कांट के अनुसार दो विप्रतिषेधात्मक प्रतिज्ञप्तियों (antinomy) में से वह जो विधानात्मक हो (जेसे, “विश्व अनादि है “और” विश्व अनादि नहीं है” में से प्रथम)।
3. हेगेल के अनुसार, द्वंद्वात्मक प्रक्रम का पहला चरण; विचार के विकास की सबसे अपूर्ण अवस्था। देखिए “antithesis”।
4. मत अथवा विचारधारा।

Thing-In-Itself (Germ, Ding-An-Sich)

वस्तु-निजरूप
कांट के दर्शन में वस्तु का वह वास्तविक या यथार्थ स्वरूप जो हमारे ज्ञान से परे रहता है। कांट की मान्यता है कि वस्तु का ज्ञात स्वरूप हमारी बुद्धि के प्रागनुभविक प्रत्ययों का आरोपण है।

Thnetopsychite

देहात्मपुनरुज्जीवनवादी
इस सिद्धांत को माननेवाला व्यक्ति कि शरीर के विनाश के साथ ही आत्मा का भी अंत हो आता है तथा शरीर के पुनरुज्जीवित होने पर (ईसाई, यहूदी और मुस्लिम धर्म के अनुसार) आत्मा भी पुनरुज्जीवित हो जाती है।

Thought-Transference

मनःपर्याय
देखिए “telepathy”।

Too Narrow Definition

अव्याप्त परिभाषा
वह दोषयुक्त परिभाषा जिसमें परिभाष्य पद के गुणार्थ के साथ कोई वियोज्य आकस्मिक गुण भी शामिल कर दिया जाता है और फलतः उसका वस्त्वर्थ घट जाता है। उदाहरण : “मनुष्य एक सभ्य विवेकशील प्राणी है” (यह परिभाषा सभी मनुष्यों पर लागू नहीं होती)।

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